इस आर्टिकल में
- यह गाइड किसके लिए है
- भारत में लोग लोकल बिज़नेस कैसे खोजते हैं
- पहला दिन: वे शब्द लिखिए जो ग्राहक पहले से बोल रहे हैं
- दूसरा दिन: Google का अपना डेटा निकालिए
- तीसरा दिन: क्वेरी ग्रिड बनाइए
- चौथा दिन: पेड टूल कहाँ काम आते हैं
- पाँचवाँ दिन: किस क्वेरी का जवाब कौन देगा
- वॉइस और WhatsApp के लिए लिखना
- महीने में एक बार देखिए, रोज़ नहीं
- इसका खर्च कितना है, और कब हमसे मत खरीदिए
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कीवर्ड रिसर्च पर जो सलाह इंटरनेट पर भरी पड़ी है, वह किसी अमेरिकी SaaS कंपनी के लिए लिखी गई थी। टूल खोलिए, seed keyword डालिए, volume से sort कीजिए, ऊपर वाले उठा लीजिए। यही तरीका पुणे के एक डेंटल क्लिनिक पर लगाकर देखिए। टूल “dentist near me” लौटा देगा और साथ में एक मोटा नंबर भी। उधर क्लिनिक के असली मरीज़ जिस तरह खोजते हैं, यानी Redmi पर एक अंगूठे से ठोका गया “daant ka doctor kothrud”, या माइक दबाकर हिंदी में बोला गया पूरा सवाल, उसके लिए टूल के पास कुछ भी नहीं है।
यह गाइड वही तरीका है जो हम ऐसे बिज़नेस के लिए चलाते हैं। एक वर्किंग वीक में निपट जाता है, शुरुआत उस डेटा से होती है जो Google पहले से बिना पैसे लिए दे रहा है, और पेड टूल सिर्फ़ उन दो जगहों पर उठाए जाते हैं जहाँ वे अपनी कीमत वसूल करते हैं। लिखा किसके लिए है: एक छोटे बिज़नेस के मालिक के लिए (क्लिनिक, कोचिंग सेंटर, CA फर्म, टाइल्स का शोरूम), और उतना ही उस फ्रीलांसर के लिए जिसके हाथ में वह क्लाइंट और महीने का छोटा सा बजट थमा दिया गया है।
यह गाइड किसके लिए है
बिज़नेस का एक Google Business Profile है, एक से बीस पेज के बीच की वेबसाइट है, और एक WhatsApp नंबर है जो इन दोनों से ज़्यादा काम करता है। पूछताछ रात ग्यारह बजे “hello sir rate kya hai” की शक्ल में आती है। मालिक को अपने कंपटीटर नाम से याद हैं, और यह भी याद है कि पिछले महीने किसने बड़ा होर्डिंग लगवाया। Search Console आज तक किसी ने खोलकर नहीं देखा।
अगर यह आपका बिज़नेस है या आपके क्लाइंट का, तो कीवर्ड की दुनिया यहाँ बहुत छोटी है। जयपुर की एक CA फर्म कुल मिलाकर कुछ दर्जन क्वेरी पर लड़ रही है, तीन स्क्रिप्ट में, पाँच या छह इलाकों में। एक हफ़्ता इस पूरे नक्शे को ठीक से बनाने के लिए काफ़ी है।
भारत में लोग लोकल बिज़नेस कैसे खोजते हैं
टूल खोलने से पहले यह तय कर लेना काम आता है कि यहाँ क्वेरी कितनी शक्लों में आती है, क्योंकि हर शक्ल का जवाब अलग तरह का पेज देता है।
सीधी अंग्रेज़ी में, “near me” लगाकर
“Dentist near me”, “CA near me”, “coaching classes near me”. ये वही क्वेरी हैं जो हर टूल को दिखती हैं, और इन पर मैप पैक का कब्ज़ा रहता है। इनके लिए आपकी वेबसाइट लगभग बेमतलब है, काम आपका Business Profile करता है।
रोमन में लिखी हिंग्लिश
“Daant ka doctor”, “ITR file karne wala CA”, “coaching centre ka fees”, “sunday ko open clinic”. चालीस से कम उम्र के ज़्यादातर लोग फ़ोन पर ऐसे ही टाइप करते हैं। टूल इनके लिए या तो ज़ीरो दिखाते हैं या “no data”, क्योंकि उनका डेटाबेस उस आबादी से बना है जो अंग्रेज़ी में टाइप करती है। यहाँ के लोग फिर भी यही खोजते हैं।
देवनागरी
“दांत का डॉक्टर पुणे”, “जयपुर में सीए”, “लखनऊ कोचिंग सेंटर”. Android का हिंदी कीबोर्ड और वॉइस इनपुट यही बनाते हैं, और टियर-2 और टियर-3 शहरों में ये बहुत आम हैं, जहाँ बहुत से लोग पहली बार इंटरनेट पर फ़ोन से ही आए। इस हिस्से में टूल लगभग अंधे हैं।
वॉइस
लंबी, बातचीत वाली, अक्सर पूरा सवाल: “mere paas sabse accha dentist kaun hai”, “Kothrud mein dentist kitne baje tak khula hai”. माइक का बटन इसी तरह की क्वेरी बनाता है, और ये कीवर्ड से ज़्यादा सवाल की तरह बर्ताव करती हैं।
इलाके का नाम
भारत के शहर इतने बड़े हैं कि अकेला “पुणे” कोई काम का modifier नहीं है। लोग इलाके के नाम से खोजते हैं: कोथरुड, हडपसर, विमान नगर। लखनऊ में यही गोमती नगर, अलीगंज, हज़रतगंज है। आपके नक्शे में वही इलाके होने चाहिए जहाँ आप सचमुच सर्विस देते हैं, सिर्फ़ शहर का नाम नहीं।
इन सबके ऊपर एक आदत है जो बाकी सब तय करती है: खरीदार का अगला कदम WhatsApp है। जो पेज रैंक करके पाँच फ़ील्ड वाला फ़ॉर्म दिखाता है, वह उस पेज से हार जाता है जो रैंक करके हरा बटन दिखाता है। “कन्वर्ट करने वाला कीवर्ड” किसे मानना है, यह तय करते वक़्त इस बात को याद रखिए।
पहला दिन: वे शब्द लिखिए जो ग्राहक पहले से बोल रहे हैं
शुरुआत उस भाषा से कीजिए जो आपके पास पहले से है, कोई टूल खोलने से पहले। इसमें आधा घंटा लगता है और इसी से वह seed list बनती है जिस पर आगे का पूरा हफ़्ता टिका है।
- बिज़नेस वाला WhatsApp खोलिए और पिछले पचास लोगों के पहले मैसेज पढ़िए। जो शब्द लिखे हैं वही उतारिए: कौन सी सर्विस का नाम लिया, किस स्क्रिप्ट में लिखा, सबसे पहले क्या पूछा (“fees kitni hai”, “appointment chahiye”, “GST registration ho jayega?”)।
- रिसेप्शन पर बैठने वाले से, या मालिक से, पूछिए कि फ़ोन पर लोग अपनी ज़रूरत कैसे बताते हैं। लखनऊ के किसी कोचिंग सेंटर को यह पता चल सकता है कि “coaching centre” कोई नहीं कहता, लोग “NEET ki taiyari” या “class 12 tuition” कहते हैं।
- Business Profile के मैसेज देखिए, और Justdial या Sulekha की लीड भी अगर वे चल रही हैं।
- पतों में और “aap kahan ho” वाले सवालों में जो इलाके बार-बार आते हैं, उनकी लिस्ट बनाइए।
इस बैठक के खत्म होते-होते आपके पास तीस से साठ वाक्यांश होने चाहिए। इन्हें सर्विस के हिसाब से ग्रुप कर लीजिए और हर एक के आगे उसकी स्क्रिप्ट लिख दीजिए। यही आपकी seed list है। यह किसी भी टूल के आउटपुट से ज़्यादा सही है, क्योंकि यह वह है जो असली खरीदारों ने अपने मुँह से कहा।
दूसरा दिन: Google का अपना डेटा निकालिए
Google हर लोकल बिज़नेस को तीन डेटा सोर्स बिना किसी खर्च के देता है, और ज़्यादातर बिज़नेस ने इनमें से एक भी कभी नहीं खोला।
Search Console
अगर साइट Search Console में वेरिफ़ाई नहीं है तो सबसे पहले वही कीजिए (एक DNS रिकॉर्ड या एक HTML टैग, दस मिनट का काम)। इसके बाद Performance रिपोर्ट में country फ़िल्टर India पर सेट कीजिए और पिछले तीन महीने की क्वेरी देखिए।
यहाँ दो फ़िल्टर मायने रखते हैं। पहला, queries पर custom regex \p{Devanagari} लगाइए, इससे हर वह हिंदी क्वेरी दिख जाएगी जिस पर साइट पहले से आ रही है। ज़्यादातर लोकल साइटों पर यह लिस्ट छोटी निकलती है और चौंकाती है। दूसरा, seed list वाले इलाकों के नाम से queries फ़िल्टर कीजिए। जिन क्वेरी पर impression आ रहे हैं और average position नीचे है, वही वे क्वेरी हैं जिन्हें थोड़ी मेहनत में जीता जा सकता है।
अगर साइट नई है और Search Console खाली पड़ा है तो इसे छोड़कर आगे बढ़िए और एक महीने बाद लौटिए। खाली रिपोर्ट को पूरे हफ़्ते का काम रोकने मत दीजिए।
Business Profile की performance
Business Profile मैनेजर के Performance सेक्शन में वे असली सर्च टर्म दिखते हैं जिन पर आपका प्रोफ़ाइल सामने आया। अपने बिज़नेस के लिए “near me” वाला डेटा आपको और कहीं नहीं मिलेगा, और अक्सर इसी लिस्ट में हिंग्लिश और हिंदी के वे शब्द निकलते हैं जो कोई पेड टूल नहीं दिखाता। पूरी लिस्ट अपनी शीट में कॉपी कर लीजिए, अजीब लगने वाली एंट्री भी।
Autocomplete और People also ask
एक प्राइवेट विंडो खोलिए। सर्च URL को भारत और हिंदी पर सेट कीजिए, google.com/search?q=&gl=in&hl=hi, और अपनी हर seed phrase टाइप करना शुरू कीजिए, हर स्क्रिप्ट में। जो भी suggestion आए, लिख लीजिए। फिर यही काम hl=en के साथ दोहराइए। दोनों लिस्ट अलग निकलती हैं और दोनों असली हैं।
सवालों के लिए head term खोजिए (“dentist Pune”, “CA Jaipur”) और People also ask बॉक्स को चार-पाँच बार खोलते जाइए। हफ़्ते के आखिर में आपका FAQ सेक्शन इन्हीं सवालों से बनेगा।
Trends, शहर के साथ
Google Trends में भारत के अंदर दो वाक्यांशों की तुलना की जा सकती है, और उसे राज्य या शहर तक सीमित किया जा सकता है। महाराष्ट्र के लिए “dentist near me” और “daant ka doctor” की तुलना कीजिए, या राजस्थान के लिए “CA” और “chartered accountant” की। यहाँ absolute नंबर से काम नहीं है। देखना यह है कि कौन सा वाक्यांश चढ़ रहा है और कौन सा सपाट पड़ा है, ताकि पेज पर किस स्क्रिप्ट को आगे रखना है यह तय हो सके।
तीसरा दिन: क्वेरी ग्रिड बनाइए
पूरी चीज़ एक शीट में डालिए, पाँच कॉलम के साथ: सर्विस, वाक्यांश, स्क्रिप्ट, modifier, और इसका जवाब कौन सा पेज या प्रोफ़ाइल एलिमेंट देगा। पुणे के एक डेंटल क्लिनिक की कुछ पंक्तियाँ ऐसी दिखेंगी।
| सर्विस | वाक्यांश | स्क्रिप्ट | Modifier | जवाब कौन देगा |
|---|---|---|---|---|
| जनरल डेंटिस्ट्री | dentist near me | अंग्रेज़ी | कोई नहीं | Business Profile |
| जनरल डेंटिस्ट्री | daant ka doctor kothrud | हिंग्लिश | कोथरुड | कोथरुड सर्विस पेज |
| जनरल डेंटिस्ट्री | दांत का डॉक्टर पुणे | देवनागरी | पुणे | हिंदी सर्विस पेज |
| रूट कैनाल | root canal cost pune | अंग्रेज़ी | पुणे | रेट रेंज वाला रूट कैनाल पेज |
| रूट कैनाल | RCT ka kharcha | हिंग्लिश | कोई नहीं | रूट कैनाल पेज, हिंग्लिश FAQ |
| टाइमिंग | sunday ko open dentist kothrud | हिंग्लिश | कोथरुड | Profile के घंटे, FAQ |
| इमरजेंसी | raat mein dentist pune | हिंग्लिश | पुणे | Profile attribute, इमरजेंसी पेज |
CA फर्म के लिए यही कीजिए (“ITR filing charges jaipur”, “GST registration kitne din mein”, “सीए जयपुर”) या कोचिंग सेंटर के लिए (“NEET coaching lucknow fees”, “class 11 physics tuition gomti nagar”, “कोचिंग सेंटर लखनऊ”)। साठ से डेढ़ सौ पंक्तियाँ बनती हैं। एक बिज़नेस का पूरा बाज़ार इतना ही है, और वह एक स्क्रीन पर आ जाता है।
भरते वक़्त दो नियम। हिंग्लिश की स्पेलिंग वाली सारी वेरिएशन एक ही पंक्ति में रखिए (“kharcha”, “kharch”, बीच में घुसा हुआ “cost”), क्योंकि Google इन्हें एक ही intent मानता है। और जिस पंक्ति का ईमानदार जवाब कोई रेट है, उस पर निशान लगाइए। भारतीय खरीदार सबसे पहले रेट पूछता है, और जो पेज एक रेंज बता देता है वह “contact us” लिखने वाले पेज से क्लिक छीन लेता है।
चौथा दिन: पेड टूल कहाँ काम आते हैं
यहाँ तक का सारा काम बिना किसी खर्च के हुआ है, और बहुत से लोकल बिज़नेस के लिए इतना ही काफ़ी है। पेड टूल दो जगह मदद करते हैं: ग्रिड के अंग्रेज़ी हिस्से का साइज़ नापने में, ताकि पता चले कौन सा पेज पहले बनाना है, और यह देखने में कि कंपटीटर किन चीज़ों पर रैंक कर रहे हैं जो आपसे छूट गईं।
हम इन टूल का शेयर्ड एक्सेस एक ही डैशबोर्ड से बेचते हैं। मतलब यह है कि ब्राउज़र लॉगिन मिलता है, API की नहीं, fair-use की लिमिट बाकी ग्राहकों के साथ मिलकर बँटती है, और कभी-कभी दोपहर को जब बहुत लोग एक साथ रिपोर्ट चला रहे हों तो चीज़ें धीमी पड़ जाती हैं। इस गाइड वाले एक हफ़्ते के काम के लिए यह ठीक है। रोज़ तीस ऑडिट चलाने वाली एजेंसी के लिए यह ठीक नहीं है, और यह बात हम अपने गाइड सेक्शन में साफ़ लिखते हैं।
Semrush: अंग्रेज़ी पंक्तियों और कंपटीटर लिस्ट के लिए
Keyword Magic Tool में डेटाबेस India पर सेट कीजिए और अंग्रेज़ी वाले सर्विस टर्म चलाइए। “root canal cost pune” और उसके जैसे टर्म का volume और difficulty मिल जाएगा। इससे ज़्यादा काम की चीज़ है Keyword Gap रिपोर्ट, जो पहले दिन नोट किए गए दो-तीन कंपटीटर डोमेन के सामने चलाई जाती है। वह रिपोर्ट बताती है कि कंपटीटर किन अंग्रेज़ी क्वेरी पर आ रहा है जिनके लिए आपके पास कोई पेज ही नहीं। Position Tracking से किसी एक शहर का मैप पैक भी ट्रैक हो जाता है, और यही एक चीज़ है जो Search Console कभी नहीं दिखाएगा।
हमारे यहाँ Semrush अकेले ₹199/महीना है। Semrush के अपने रिटेल प्लान एजेंसियों को ध्यान में रखकर बनाए और कीमत लगाए गए हैं; मौजूदा लिस्ट semrush.com/pricing पर है, और वह पेज करेंसी अपने आप बदलता है, इसलिए उसे भारतीय कनेक्शन से खोलकर देखिए। टूल पेज: Semrush।
Ubersuggest: दूसरी राय और एक तेज़ ऑडिट
Ubersuggest हल्का और सीधा है, और लोकल बिज़नेस के लिए इतना ही चाहिए। country India पर सेट कीजिए, अंग्रेज़ी वाली पंक्तियाँ पेस्ट कीजिए, और content ideas वाले व्यू से देखिए कि हर टर्म पर कंपटीटर का कौन सा पेज पहले से बैठा है। इसके बाद क्लाइंट की साइट पर इसका site audit एक बार चला दीजिए। पाँच पेज वाली क्लिनिक साइट में आम तौर पर तीन-चार ठीक होने लायक दिक्कतें निकलती हैं (title गायब, इमेज भारी, कोई पेज जिस तक कहीं से लिंक ही नहीं जाता), और वे किसी भी कीवर्ड से ज़्यादा मायने रखती हैं।
हमारे यहाँ यह ₹199/महीना है। इसका अपना प्राइसिंग पेज neilpatel.com/ubersuggest/pricing पर है; आज हमारी तरफ़ से वह लोड नहीं हुआ, इसलिए हम कोई आँकड़ा नहीं बता रहे। टूल पेज: Ubersuggest।
Mangools: जब शहर के हिसाब का SERP देखना हो
KWFinder में लोकेशन देश की जगह शहर तक सेट होती है, और SERPChecker दिखाता है कि किसी टर्म पर पुणे में असल में क्या रैंक कर रहा है, न कि पूरे भारत में। लोकल काम में यह फ़र्क बड़ा है: “dentist Kothrud” का जो टॉप टेन पुणे से दिखता है, वह दिल्ली में बैठा टूल जो निकालता है उससे अलग होता है। इसका difficulty स्कोर भी छोटी साइटों के हिसाब से बना है, और आपकी साइट छोटी ही है।
यह अकेले ₹199/महीना है। Essential प्लान में यह नहीं आता; सबसे सस्ता प्लान जिसमें यह है वह Advanced है, ₹1,499/महीना में 25 टूल, जिनकी ज़रूरत एक लोकल बिज़नेस को नहीं है। सिंगल ही लीजिए। इसकी रिटेल प्राइसिंग mangools.com/plans-and-pricing पर दी हुई है; वहाँ आँकड़े ब्राउज़र में लोड होते हैं, पेज सोर्स में नहीं आते, इसलिए हम लिंक दे रहे हैं, कोई नंबर नहीं लिख रहे। इस पर हमने लंबा लिखा है, Mangools पर हमारी राय।
AnswerThePublic: सवाल वाली पंक्तियों के लिए
वॉइस और सवाल वाली क्वेरी के लिए AnswerThePublic एक seed term लेकर वे सवाल और preposition लौटाता है जो लोग उसके साथ जोड़ते हैं, देश के हिसाब से छाँटकर। इसे India पर सेट कीजिए। हिंदी में इसकी पकड़ पतली है, इसलिए उम्मीद अंग्रेज़ी पंक्तियों से ही रखिए और बाकी के लिए People also ask पर टिके रहिए। इस काम में यह एक दोपहर भर का टूल है।
इसका Starter प्लान answerthepublic.com/pricing पर US$20/month है, 21 सितंबर 2026 को देखा गया। हमारे यहाँ यह सिंगल के तौर पर ₹299/महीना है, और प्लान में यह सिर्फ़ Ultimate के साथ आता है, जो इस काम के लिए ज़रूरत से बहुत बड़ा प्लान है। एक महीने के लिए सिंगल लीजिए, जो चाहिए वह export कीजिए, और बंद कर दीजिए। टूल पेज: AnswerThePublic।
टूल जो नहीं बताएँगे
इनमें से हर टूल आपकी हिंग्लिश और देवनागरी वाली ज़्यादातर पंक्तियों के आगे ज़ीरो या “no data” लिखेगा। उन पंक्तियों को मिटाइए मत। दूसरे दिन का डेटा, यानी Business Profile और Search Console, इस बात का सबूत है कि वे क्वेरी मौजूद हैं। टूल उस आबादी को नापते हैं जो अंग्रेज़ी में टाइप करती है; आपके ग्राहक दूसरी आबादी हैं, और उनके अपने मैसेज से बनी आपकी ग्रिड उस आधे हिस्से के लिए बेहतर सोर्स है।
पाँचवाँ दिन: किस क्वेरी का जवाब कौन देगा
अब तय कीजिए कि हर पंक्ति का जवाब कौन देता है। ज़्यादातर लोकल साइटों को उतने पेज नहीं चाहिए जितने मालिक सोचते हैं।
near me वाली पंक्तियों का जवाब Business Profile देता है
primary category सही सेट कीजिए (“Dental clinic” और “Dentist” की रैंकिंग अलग होती है), हर सर्विस का अपना डिस्क्रिप्शन भरिए, खुलने-बंद होने के घंटे सही रखिए, रविवार वाला सवाल भी, और हफ़्ते में एक बार पोस्ट कीजिए। ग्रिड के टॉप दस सवाल खुद ही प्रोफ़ाइल के Q&A सेक्शन में डालिए, जवाब के साथ। प्रोफ़ाइल का डिस्क्रिप्शन और पोस्ट हिंग्लिश में लिखे जा सकते हैं और स्वाभाविक भी लगते हैं, तो वैसे ही लिखिए जैसे ग्राहक बोलते हैं।
हर सर्विस का एक पेज, कॉपी में इलाके का नाम
रूट कैनाल का जो पेज कोथरुड का नाम लेता है, रेट की एक रेंज देता है, और छोटे से FAQ में “RCT mein kitna time lagta hai” का जवाब देता है, वह किसी भी “our services” पेज को पीछे छोड़ देगा। अगर आप तीन इलाकों में सर्विस देते हैं तो तीनों का नाम एक ही पेज पर लिखिए, तीन पतले-पतले कॉपी-पेस्ट पेज मत बनाइए।
जहाँ देवनागरी पंक्तियाँ इकट्ठी हों, वहाँ हिंदी पेज
अगर ग्रिड में किसी एक सर्विस के आसपास पंद्रह या उससे ज़्यादा देवनागरी पंक्तियाँ हैं, तो उस सर्विस का पेज हिंदी में लिखिए, और अंग्रेज़ी वाले पेज के साथ ठीक से hreflang की जोड़ी बनाइए। इसका तरीका हमने हिंदी वेबसाइट के SEO वाली पोस्ट में लिखा है। अंग्रेज़ी पेज को मशीन से ट्रांसलेट करके काम खत्म मत मानिए; हिंदी पढ़ने वाला पकड़ लेता है, और Google भी।
सवाल वाली पंक्तियों के लिए FAQ ब्लॉक
हर सर्विस पेज पर ग्रिड से चार से छह सवाल उठाइए, हर एक का जवाब एक या दो वाक्य में, उसी भाषा में जिसमें सवाल पूछा गया था। मिली-जुली स्क्रिप्ट वाले FAQ (“Root canal ka kharcha kitna hai?”) बिल्कुल ठीक हैं और इस ऑडियंस को सहज लगते हैं।
वॉइस और WhatsApp के लिए लिखना
वॉइस क्वेरी सवाल होती हैं, इसलिए सवाल की शक्ल में लिखी हेडिंग उनसे मैच करती हैं। “Kothrud mein dentist kitne baje tak khula hai?” को h3 बनाकर नीचे एक लाइन का जवाब रख देना किसी भी schema के जुगाड़ से ज़्यादा काम करता है।
हर पेज पर ऊपर की तरफ़ click-to-chat लिंक चाहिए, और नंबर टेक्स्ट में भी दिखना चाहिए, क्योंकि बहुत लोग आज भी नंबर कॉपी करके खुद WhatsApp में डालते हैं। इसे ट्रैक कीजिए: UTM टैग लगा wa.me लिंक, या वेबसाइट के लिए अलग नंबर, एक महीने में बता देता है कि बातचीत कौन से पेज से आ रही है। लोकल बिज़नेस में कन्वर्ज़न का पैमाना बातचीत है; फ़ॉर्म कम भरे जाते हैं और उनसे पता भी कम चलता है।
महीने में एक बार देखिए, रोज़ नहीं
लोकल बिज़नेस की रैंकिंग मैप पैक के साथ हिलती है और इस बात के साथ भी कि Google को सर्च करने वाले की लोकेशन क्या लग रही है, इसलिए रोज़ रैंक चेक करने से सिर्फ़ बेचैनी बढ़ेगी। महीने में एक बार तीन काम कीजिए: Search Console की क्वेरी फिर से export करके ग्रिड से मिलाइए, Business Profile के सर्च टर्म शीट में कॉपी कीजिए, और हर पेज से आई WhatsApp बातचीत गिनिए। प्रोफ़ाइल के डेटा में जो नए वाक्यांश दिखें वे नई पंक्तियाँ बन जाती हैं। जिन पंक्तियों पर तीन महीने में एक impression नहीं आया, उन्हें नीचे खिसका दीजिए।
अगर Semrush चलता रहा हो तो उसका Position Tracking, शहर पुणे पर सेट और मैप पैक ऑन करके, महीने में एक बार देखने लायक है। अगर नहीं रखा, तो Search Console और प्रोफ़ाइल से काम चल जाएगा।
इसका खर्च कितना है, और कब हमसे मत खरीदिए
Essential प्लान में वे दोनों टूल हैं जिन पर यह तरीका टिका है। यह ₹399/महीना में 5 टूल देता है, और यहाँ जिन दो की ज़रूरत है, Semrush और Ubersuggest, वे अलग-अलग सिंगल लेने पर लगभग इतने ही बैठते हैं (₹199 और ₹199 महीने के)। प्लान के बाकी तीन टूल लिखने में मदद करने वाले हैं, जो तब काम के हैं जब आप या क्लाइंट अंग्रेज़ी में दर्जन भर सर्विस पेज ड्राफ़्ट करने वाले हों, वरना नहीं। तो ईमानदार सलाह यह है: अगर उतने ही पैसे में लिखने वाले टूल भी साथ चाहिए तो प्लान लीजिए, और नहीं चाहिए तो दोनों सिंगल लीजिए। बिल पर फ़र्क नहीं पड़ेगा।
Mangools और AnswerThePublic Essential में नहीं हैं। जिस महीने ज़रूरत हो उस महीने सिंगल लीजिए; इन दो टूल के लिए Advanced या Ultimate पर जाना एक लोकल बिज़नेस के लिए कोई तुक नहीं रखता। पूरी रेट लिस्ट प्राइसिंग सेक्शन में है, और भारत के फ्रीलांसर असल में क्या-क्या चलाते हैं इसका बड़ा नक्शा भारत वाली गाइड में है।
भारत से पेमेंट UPI, कार्ड या USDT से होता है, और पैसे जाने के कुछ मिनट के अंदर एक्सेस my.bundledseo.com के डैशबोर्ड पर मिल जाता है। एक्सेस शेयर्ड है, इसलिए लिमिट भी शेयर्ड है, और वेंडर कभी-कभी अकाउंट रीसेट कर देता है। इसलिए टूल वाला काम एक या दो बैठकों में निपटाने का प्लान बनाइए, रिपोर्ट दिन भर खुली छोड़ने का नहीं।
और कब कुछ भी नहीं खरीदना चाहिए? अगर साइट एक पेज का ब्रोशर है और बिज़नेस में पाँच से कम सर्विस हैं, तो पहला, दूसरा, तीसरा और पाँचवाँ दिन ही पूरा काम है। पहले साल Business Profile और Search Console आपको खींच ले जाएँगे। पैसा प्रोफ़ाइल की अच्छी फ़ोटो खिंचवाने पर लगाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भारत में लोकल बिज़नेस के लिए हिंदी वेबसाइट ज़रूरी है?
हमेशा नहीं। ग्रिड देखिए: अगर देवनागरी पंक्तियाँ एक या दो सर्विस के आसपास इकट्ठी हैं और Search Console या Business Profile में उन पर सच में impression आ रहे हैं, तो उन सर्विस का हिंदी पेज बनाना ठीक है। अगर देवनागरी पंक्तियाँ इधर-उधर बिखरी और गिनती में कम हैं, तो हिंदी और हिंग्लिश को FAQ ब्लॉक और प्रोफ़ाइल पोस्ट में डालिए और साइट फ़िलहाल अंग्रेज़ी में ही रहने दीजिए।
पेज हिंग्लिश में लिखूँ या शुद्ध हिंदी में?
जैसी क्वेरी, वैसा पेज। रोमन में टाइप की गई हिंग्लिश का जवाब अंग्रेज़ी पेज अच्छे से दे देता है, बशर्ते उसकी हेडिंग और FAQ हिंग्लिश में हों। देवनागरी क्वेरी का जवाब असली हिंदी पेज बेहतर देता है। एक ही पेज पर दोनों का मिलना इस ऑडियंस के लिए सामान्य है और Google इसे संभाल लेता है, जब तक पेज मशीन ट्रांसलेशन न हो।
मेरे हिंग्लिश कीवर्ड पर टूल ज़ीरो volume क्यों दिखाता है?
टूल का डेटाबेस ज़्यादातर अंग्रेज़ी में टाइप की गई क्वेरी से बना है, इसलिए रोमन में लिखी हिंदी वहाँ “no data” दिखती है, भले ही आपका Business Profile हर हफ़्ते उसकी रिपोर्ट दे रहा हो। उन पंक्तियों के लिए प्रोफ़ाइल के सर्च टर्म और Search Console को सोर्स मानिए, और पेड टूल को अंग्रेज़ी पंक्तियों और कंपटीटर रिसर्च तक सीमित रखिए।
एक छोटे क्लिनिक या CA फर्म को कितने कीवर्ड पर काम करना चाहिए?
ग्रिड में साठ से डेढ़ सौ पंक्तियाँ आम बात है, जो पाँच से पंद्रह पेज और Business Profile पर जाकर बँट जाती हैं। एक ही लोकेशन वाले बिज़नेस के लिए इससे बड़ी लिस्ट का मतलब आम तौर पर यह होता है कि उसमें एक ही चीज़ की वेरिएशन भरी हैं, जिन्हें एक पंक्ति में मिला देना चाहिए।
Essential प्लान काफ़ी है या बड़ा प्लान लेना पड़ेगा?
इस तरीके के लिए Essential में वे दोनों टूल आ जाते हैं जो मायने रखते हैं, Semrush और Ubersuggest, और उसकी कीमत दोनों सिंगल के जोड़ के करीब है। Mangools और AnswerThePublic सिर्फ़ बड़े प्लान में हैं, इसलिए प्लान अपग्रेड करने के बजाय उन्हें एक महीने के लिए सिंगल लीजिए। रुपये में आज की कीमतें प्राइसिंग सेक्शन में देख लीजिए।
Business Profile और सर्च में असर दिखने में कितना समय लगता है?
प्रोफ़ाइल में किए बदलाव (category, सर्विस, घंटे, Q&A) आम तौर पर दो से चार हफ़्ते में उसके सर्च-टर्म डेटा में दिखने लगते हैं। नए सर्विस पेज को जमने में एक से तीन महीने लगते हैं, नए डोमेन पर उससे भी ज़्यादा। महीने के हिसाब से देखिए और फ़ैसला WhatsApp पर आई बातचीत से कीजिए, उस रैंक नंबर से नहीं जो सर्च करने वाले की लोकेशन के साथ बदलता रहता है।
शेयर्ड एक्सेस से कीवर्ड डेटा पर कोई फ़र्क पड़ता है?
नहीं, डेटा वही रहता है जो पूरी सब्सक्रिप्शन पर मिलता है; शेयर्ड रोज़ की रिपोर्ट लिमिट और लॉगिन होता है। Semrush और Ubersuggest का काम एक या दो बैठकों में निपटाइए, शीट में export करते चलिए, और लिमिट आपको शायद ही कभी दिखेगी। दोपहर में जब दूसरे ग्राहक भारी इस्तेमाल कर रहे हों तो रिपोर्ट धीमी हो सकती हैं, इसलिए सुबह जल्दी का वक़्त ज़्यादा तेज़ रहता है।