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टूल रिव्यू · भारत

Mangools रिव्यू (2026): फ्रीलांसर के बजट में KWFinder

भारत के फ्रीलांसर के लिए Mangools रिव्यू: KWFinder, SERPChecker और LinkMiner किस काम के हैं, 2026 का रेट क्या है, और shared access कब सही रहता है।

Mangools आइकॉन के बगल में एक फ्लैट इलस्ट्रेशन, जिसमें नीले रिम वाला बड़ा मैग्निफाइंग ग्लास तीन काग़ज़ी इंडेक्स कार्ड के ऊपर रखा है।
इस आर्टिकल में
  1. सीधा फ़ैसला
  2. Mangools असल में है क्या
  3. Mangools का अपना रेट कार्ड
  4. अकेले काम करने वाले के लिए कौन से फ़ीचर मायने रखते हैं
  5. एक बंदे के लिए Mangools बनाम Semrush और Ahrefs
  6. भारत में यह किसके काम का है, और किसे छोड़ देना चाहिए
  7. BundledSEO से क्या मिलता है
  8. हमारे कैटलॉग में दूसरे विकल्प
  9. भारत से ख़रीदना कैसे है
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Mangools आइकॉन

फ्रीलांसरों के WhatsApp और Facebook ग्रुप में Mangools का नाम एक ही तरह से आता है: कोई पूछता है कि कीवर्ड रिसर्च के लिए क्या लूँ, और तीन लोग लिखते हैं “Semrush अभी अफोर्ड नहीं होगा, Mangools ट्राई करो”। यह रिव्यू उसी बंदे के लिए है। इंदौर, लखनऊ या कोच्चि में बैठा अकेला SEO, या दो लोगों की एजेंसी, जो क्लाइंट से रुपये में पैसा लेती है और तय कर रही है कि कार्ड पर डॉलर वाला सब्सक्रिप्शन चढ़ाए या हमसे shared access ले।

हम Mangools का shared access बेचते हैं, इसलिए पैसे वाला हिस्सा यह बात दिमाग़ में रखकर पढ़िएगा। जहाँ हमसे न लेना बेहतर है, वह भी नीचे उतनी ही साफ़ लिखा है।

सीधा फ़ैसला

  • सीखने में Mangools सबसे आसान सीरियस कीवर्ड टूल है, और KWFinder का difficulty score अकेला इतना अच्छा है कि नई या छोटी साइट पर काम करने वाले के लिए यही वजह काफ़ी है। अकेले काम करने वाले का हफ़्ता इसी से निकल जाता है।
  • एजेंसी के लिए यह छोटा पड़ता है। सैकड़ों कीवर्ड, कई क्लाइंट, API, या बैकलिंक डेटा पर टिका हुआ काम, इन सबके लिए Ahrefs और Semrush बने हैं और उनका दाम भी उसी हिसाब से है।
  • हमारे यहाँ Mangools अकेले इतने का पड़ता है कि Advanced प्लान तभी लेने लायक है जब साथ में Ahrefs या और टूल भी चाहिए हों। सिर्फ़ Mangools चाहिए तो सिंगल लीजिए। यही बात नीचे नंबरों के साथ दोबारा लिखी है।

Mangools असल में है क्या

Mangools एक लॉगिन में बिकने वाले पाँच छोटे टूल हैं: कीवर्ड रिसर्च के लिए KWFinder, कौन रैंक कर रहा है और क्यों, यह देखने के लिए SERPChecker, रैंक ट्रैकिंग के लिए SERPWatcher, बैकलिंक के लिए LinkMiner, और डोमेन का मोटा-मोटा हाल देखने के लिए SiteProfiler। कंपनी स्लोवाकिया की है, 2014 से चल रही है, और जिस दौर में Semrush और Ahrefs दर्जनों मॉड्यूल वाले प्लेटफ़ॉर्म बन गए, यह जानबूझकर छोटी बनी रही।

पाँचों टूल एक-एक काम करते हैं और पाँचों की स्क्रीन एक जैसी दिखती है: ऊपर सर्च बॉक्स, नीचे टेबल, बीच में दो-तीन रंगीन स्कोर। जिसने ज़िंदगी में कभी SEO टूल नहीं खोला, वह भी एक दोपहर में KWFinder पर काम की कीवर्ड रिसर्च कर लेता है। वही बंदा पहली बार Semrush खोलता है तो आमतौर पर टैब बंद करके YouTube पर ट्यूटोरियल ढूँढ़ने लगता है।

इसकी क़ीमत गहराई में चुकानी पड़ती है। कीवर्ड डेटाबेस, बैकलिंक इंडेक्स और रैंक ट्रैकर, तीनों बड़े टूलों से छोटे हैं। साइट ऑडिट का क्रॉलर नहीं है, कंटेंट ब्रीफ़ वाला हिस्सा नहीं है, PPC डेटा नहीं है। किसी बड़ी कंपनी का पूरा SEO डिपार्टमेंट इस पर नहीं चलाया जा सकता। भारत के ज़्यादातर फ्रीलांसर वैसा कुछ चला भी नहीं रहे।

Mangools का अपना रेट कार्ड

Mangools तीन टियर बेचता है, Basic, Premium और Agency, हर एक मंथली या सालाना कॉन्ट्रैक्ट पर। नीचे के दाम mangools.com/plans-and-pricing से लिए हैं, 21 सितंबर 2026 को देखे गए। एक बात भारत के पाठक के लिए ज़रूरी है: वह पेज विज़िटर की लोकेशन के हिसाब से दाम दिखाता है, और जहाँ से हमने देखा वहाँ यूरो में दिखा। भारत से खोलने पर आमतौर पर लगभग उन्हीं नंबरों में अमेरिकी डॉलर दिखता है, इसलिए तुलना करने से पहले पेज ख़ुद एक बार खोल लीजिए।

टियरमंथली कॉन्ट्रैक्टसालाना कॉन्ट्रैक्ट (प्रति वर्ष)कीवर्ड lookup / 24 घंटेSERP lookup / 24 घंटेट्रैक होने वाले कीवर्डबैकलिंक rowsएक साथ लॉगिन
Basic€49€358.80100100200100,0001
Premium€69€538.80500500700500,0003
Agency€129€1,078.801,2001,2001,5001,200,00010

स्रोत: mangools.com/plans-and-pricing, 21 सितंबर 2026। सालाना कॉन्ट्रैक्ट महीने के हिसाब से क़रीब 39 प्रतिशत सस्ता पड़ता है, बशर्ते आप पूरे साल का पैसा एक बार में दे सकें।

भारत की डेस्क से देखने पर दो बातें इन नंबरों में और जुड़ती हैं। पहली, हर टियर Paddle के ज़रिए विदेशी करंसी में चार्ज होता है, यानी इंटरनेशनल ट्रांज़ैक्शन वाला कार्ड चाहिए, बैंक का फ़ॉरेक्स मार्कअप ऊपर से लगेगा, और Paddle चेकआउट पर GST भी जोड़ सकता है। दूसरी, RBI के e-mandate वाले नियम आने के बाद इंडियन कार्ड पर विदेशी करंसी का रेकरिंग चार्ज इतनी बार फेल होता है कि किसी भी ओवरसीज़ सब्सक्रिप्शन को ज़िंदा रखना अपने आप में हर महीने का एक छोटा काम बन जाता है। इसमें Mangools की कोई ग़लती नहीं है, लेकिन असली दाम में ये दोनों चीज़ें गिनी जानी चाहिए।

रिटेल पर अकेले काम करने वाला आमतौर पर Basic ही लेता है। उसकी लिमिट पर ध्यान दीजिए: दिन के 100 कीवर्ड lookup एक बंदे के लिए ठीक हैं, पर एक साथ एक ही लॉगिन का मतलब है कि साथी के साथ शेयर करते ही दोनों में से एक बाहर होता रहेगा।

अकेले काम करने वाले के लिए कौन से फ़ीचर मायने रखते हैं

Mangools की अपनी मार्केटिंग में गिनाने को बहुत कुछ है। पाँच चीज़ें तय करती हैं कि टूल आपके काम का है या नहीं।

KWFinder और difficulty score

लोग Mangools इसी के लिए ख़रीदते हैं। एक seed टर्म टाइप कीजिए, देश और भाषा चुनिए, और सामने आ जाती है मिलती-जुलती कीवर्ड की लिस्ट, हर एक के साथ मंथली वॉल्यूम, ट्रेंड की छोटी लाइन, CPC और 0 से 100 तक का difficulty score। यह स्कोर जानबूझकर सख़्ती से बनाया गया है, इसलिए KWFinder का “35” वाक़ई ऐसा टर्म होता है जिस पर छह महीने पुरानी साइट भी हाथ डाल सकती है। शुरुआत करने वाले के जितने आर्टिकल बेकार जाने से यह एक फ़ीचर बचाता है, उतने पूरे सुइट में और कुछ नहीं बचाता।

भारत के काम में लोकेशन फ़िल्टर पर सबसे ज़्यादा टिकिए। देश India और भाषा English करते ही वॉल्यूम वही दिखने लगते हैं जो यहाँ के लोग सचमुच सर्च करते हैं। लोकेशन को शहर तक भी छोटा किया जा सकता है, और यही असली काम की चीज़ है, क्योंकि लोकल क्लाइंट का आधा काम “CA in Indore” और “interior designer Bangalore” टाइप की क्वेरी पर ही टिका होता है। यह पूरा तरीक़ा हमने लोकल बिज़नेस की कीवर्ड रिसर्च वाली गाइड में खोलकर लिखा है।

हिंदी और हिंग्लिश पर यह कमज़ोर है। भाषा में हिंदी मिलती है और देवनागरी में टाइप की गई क्वेरी पर वॉल्यूम आ भी जाते हैं, लेकिन रोमन में लिखा हिंग्लिश अक्सर ख़ाली लौटता है, या इतना छोटा नंबर दिखाता है कि अपने ही Search Console को देखकर आप जान जाते हैं कि यह ग़लत है। यह दिक़्क़त इस पेज के हर टूल में है, किसी वेंडर ने इसे हल नहीं किया है। KWFinder को अंग्रेज़ी और देवनागरी वाले आधे हिस्से का टूल मानिए, बाक़ी आधे के लिए Search Console ही भरोसे लायक है।

आख़िरी बात lookup मीटर की। हर seed सर्च एक lookup खाती है और टियर उन्हें 24 घंटे के हिसाब से गिनते हैं। पूरे महीने का कंटेंट कैलेंडर एक बैठक में बनाने वाला Basic की 100 lookup लंच से पहले ख़त्म कर सकता है।

SERPChecker

SERPChecker एक कीवर्ड लेकर उस पर रैंक कर रहे पेज दिखाता है, हर एक के साथ डोमेन अथॉरिटी, बैकलिंक की गिनती, अंदाज़न ट्रैफ़िक और कुछ ऑन-पेज फ़्लैग। KWFinder जो सवाल खड़ा करता है, जवाब यह देता है: दिख तो जीतने लायक रहा है, पर वहाँ बैठा कौन है? ऊपर के पाँच नतीजे पतली-सी डायरेक्ट्री लिस्टिंग हों तो एक ढंग का आर्टिकल काम कर जाएगा। वहाँ Amazon, Flipkart और दो नेशनल अख़बार बैठे हों तो आगे बढ़ जाइए।

लिखने वाले इसे फ़ॉर्मैट के लिए इस्तेमाल करते हैं। ड्राफ़्ट शुरू करने से पहले एक नज़र में पता चल जाता है कि क्वेरी लिस्ट माँग रही है, how-to माँग रही है, या प्रोडक्ट पेज। यह आदत बनाने लायक है, और SERPChecker इसे तीस सेकंड का काम बना देता है।

SERPWatcher

SERPWatcher रैंक ट्रैकर है। डोमेन डालिए, कीवर्ड का सेट डालिए, लोकेशन चुनिए, और यह रोज़ चेक करके मूवमेंट का चार्ट बनाता रहता है। सीधा-सादा है और फ़ोन पर भी ठीक से खुलता है, जो कई मुक़ाबले वाले टूलों के बारे में नहीं कहा जा सकता। ट्रैक होने वाले कीवर्ड की लिमिट पूरे अकाउंट की होती है और Basic पर छोटी है, सिर्फ़ 200, यानी एक क्लाइंट साइट की छोटी लिस्ट, या कुछ साइटें जिन पर गिने-चुने कीवर्ड हों। shared access पर सबसे ज़्यादा दिक़्क़त इसी फ़ीचर में आती है, और वजह नीचे वाले सेक्शन में लिखी है।

LinkMiner

LinkMiner किसी भी URL या डोमेन के बैकलिंक दिखाता है, हर लिंक का स्ट्रेंथ स्कोर और यह प्रिव्यू भी कि लिंक पेज पर कहाँ लगा है। इसका इंडेक्स Ahrefs के इंडेक्स का एक हिस्सा भर है, इसलिए बड़े पैमाने पर कॉम्पिटिटर की लिंक रिसर्च इससे नहीं होगी। पिच से पहले किसी प्रॉस्पेक्ट का लिंक प्रोफ़ाइल देख लेना, या पिछली तिमाही में बनाए पंद्रह लिंक इंडेक्स हुए या नहीं यह जाँचना, इतने के लिए यह काफ़ी है।

SiteProfiler

SiteProfiler एक पेज पर डोमेन का पूरा हाल है: अथॉरिटी स्कोर, टॉप कंटेंट, टॉप रेफ़रिंग डोमेन, ट्रैफ़िक का अंदाज़ा। WhatsApp पर कोई लीड URL भेज दे और पाँच मिनट में कुछ समझदारी की बात कहनी हो, तो यही खुलता है। अकेले SiteProfiler के लिए Mangools कोई नहीं ख़रीदेगा, पर जब है तो इसकी कमी भी किसी को महसूस नहीं होती।

एक बंदे के लिए Mangools बनाम Semrush और Ahrefs

हर फ्रीलांसर यही पूछता है: Mangools काफ़ी है, या बस उस दिन को टाल रहे हैं जब बड़े दोनों में से एक का पैसा देना ही पड़ेगा? जवाब इस पर टिका है कि आपका हफ़्ता किस तरह का है।

जहाँ Mangools आगे है

नया फ्रीलांसर Mangools में पहले ही दिन काम निकालने लगता है। Semrush और Ahrefs, दोनों को ढंग से इस्तेमाल करना सीखने में हफ़्ते लगते हैं, और दोनों शुरुआत में इतने मॉड्यूल सामने रख देते हैं जिनमें से आधे साल भर छुए नहीं जाएँगे।

difficulty स्कोर के मामले में Ahrefs का KD और Semrush का KD% दोनों अच्छे हैं, पर KWFinder का स्कोर उसी सवाल पर ट्यून किया गया है जो छोटी साइट वाले के मन में होता है, यानी “इस पर मैं रैंक कर पाऊँगा या नहीं”, और जहाँ शक हो वहाँ वह सावधानी की तरफ़ झुकता है।

रिटेल पर Mangools का हर टियर Semrush या Ahrefs के सबसे सस्ते टियर से भी कई गुना सस्ता है। रुपये में कमाने वाले के लिए यह फ़र्क़ अक्सर टूल होने और न होने के बीच का फ़र्क़ होता है।

Mangools के पेज आम इंडियन ब्रॉडबैंड पर और फ़ोन के हॉटस्पॉट पर भी तेज़ी से खुलते हैं। Semrush के भारी डैशबोर्ड सुस्त पड़ते हैं, और Ahrefs की बड़ी रिपोर्ट मामूली लैपटॉप पर रेंडर होने में वक़्त लेती है।

जहाँ यह छोटा पड़ जाता है

अगर आपके क्लाइंट आपसे लिंक बिल्डिंग ख़रीदते हैं और उसकी रिपोर्ट माँगते हैं, तो LinkMiner ऐसे लिंक छोड़ देगा जो Ahrefs को दिखते हैं, और यह अंतर सीधे तय करता है कि आप क्लाइंट से क्या वादा कर सकते हैं।

दस क्लाइंट और हर एक पर पचास कीवर्ड वाली एजेंसी Mangools के Premium की ट्रैकिंग लिमिट पहले ही पार कर चुकी है। उस पैमाने के लिए Semrush का Guru टियर और Ahrefs का रैंक ट्रैकर बने हैं।

Mangools में क्रॉलर नहीं है। टेक्निकल ऑडिट आपकी सर्विस का हिस्सा है तो साथ में Semrush, Ahrefs या Screaming Frog रखना ही होगा। हमारी फ्रीलांसर के लिए ख़ुद साइट ऑडिट करने वाली गाइड का तरीक़ा भारत में भी वैसे ही चलता है।

Semrush का कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म, उसकी ऐड रिसर्च और मार्केट डेटा, इनके बराबर की कोई चीज़ Mangools में है ही नहीं। क्लाइंट Google Ads पर पैसा लगा रहा है और चाहता है कि आप कॉम्पिटिटर की ऐड कॉपी देखें, तो Mangools यहाँ किसी काम नहीं आएगा।

shared access पर API नहीं मिलता, और रिटेल पर भी Mangools का API सीमित है, इसलिए ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग बनाने वाले को कहीं और देखना चाहिए।

असल में लोग क्या करते हैं

भारत में जिन फ्रीलांसरों से हमारी बात होती है, उनमें से ज़्यादातर दो टूल वाली आदत पर आकर रुकते हैं: रोज़ के कीवर्ड और SERP काम के लिए Mangools, और बैकलिंक चेक, ऑडिट व क्लाइंट रिपोर्टिंग के लिए बड़े सूट में से एक। इसके बाद सवाल बदल जाता है, कि दोनों का पैसा किस तरह दिया जाए। यहीं shared access और बंडल की बात आती है।

भारत में यह किसके काम का है, और किसे छोड़ देना चाहिए

Mangools इनके लिए ठीक बैठता है:

  • अकेला SEO या कंटेंट राइटर जो ज़्यादातर अंग्रेज़ी या देवनागरी क्वेरी पर काम करता है, जिसके पास गिनी-चुनी क्लाइंट साइटें हैं और लिंक बिल्डिंग की रिपोर्ट नहीं देनी है।
  • ब्लॉगर या अफ़िलिएट पब्लिशर जिसे जीतने लायक कीवर्ड ढूँढ़ने हैं, SERP देखना है और छोटी-सी लिस्ट की रैंकिंग ट्रैक करनी है, बिना कोई पूरा प्लेटफ़ॉर्म सीखे।
  • छोटी एजेंसी जो इसे Semrush या Ahrefs के बग़ल में तेज़ दूसरे टूल की तरह रखती है, ताकि राइटर को आर्टिकल देने से पहले difficulty स्कोर पर दोबारा नज़र डाल सके।
  • वह हर बंदा जो SEO टूल में नया है और ऐसी जगह सीखना चाहता है जहाँ ग़लती की सज़ा कम मिले।

इन हालात में या तो छोड़ दीजिए, या मान लीजिए कि जल्दी ही यह छोटा पड़ेगा:

  • लिंक बिल्डिंग आपकी बेची जाने वाली सर्विस है और उसकी रिपोर्ट देनी होती है।
  • क्लाइंट मिलाकर कुछ सौ से ज़्यादा कीवर्ड ट्रैक होते हैं।
  • साइट क्रॉलर, API या क्लाइंट के ब्रांड वाली रिपोर्ट चाहिए।
  • आपके क्लाइंट US, UK या खाड़ी देशों को टारगेट करते हैं और डेक में Semrush या Ahrefs के स्क्रीनशॉट देखने की उम्मीद रखते हैं। कुछ क्लाइंट सचमुच ऐसे होते हैं, और उनसे बहस करने में जितना समय जाता है उतनी फ़ीस नहीं बनती।

BundledSEO से क्या मिलता है

हमारे यहाँ Mangools अकेला ₹199 प्रति महीना है, ब्राउज़र से चलने वाला, my.bundledseo.com के डैशबोर्ड के ज़रिए। मौजूदा डिटेल Mangools के टूल पेज पर रहती है।

यह Advanced प्लान में भी है, जो ₹1,499 प्रति महीना में 25 टूल देता है, और Ultimate प्लान में भी। Essential और Boost प्लान में यह नहीं है, यानी अगर सोच यह थी कि सस्ते प्लान से शुरू करके ऊपर से Mangools जोड़ लेंगे, तो वह नहीं हो पाएगा। किस प्लान में इस वक़्त क्या है, यह प्राइसिंग पेज पर देख लीजिए।

कब सिंगल बेहतर है और कब प्लान

अकेला Mangools, Advanced प्लान के दाम का एक छोटा-सा हिस्सा है। अगर आपको सिर्फ़ Mangools चाहिए तो सिंगल लीजिए और इस सेक्शन को यहीं छोड़ दीजिए। आपके लिए प्लान बेहतर सौदा नहीं है, और हम भी चाहते हैं कि आपका ख़र्च कम रहे।

प्लान तब समझ में आने लगता है जब लिस्ट बढ़ती है। Mangools, Ubersuggest और Semrush, तीनों अलग-अलग ख़रीदने पर भी Advanced प्लान से कम में आ जाते हैं, इसलिए तीन कीवर्ड टूल के दम पर प्लान लेना भी बनता नहीं है। Ahrefs जोड़ते ही तस्वीर बदल जाती है। Ahrefs हमारा सबसे महँगा सिंगल टूल है, और Mangools के साथ उसे अलग से ख़रीदने पर बिल प्लान के दाम से थोड़ा ही नीचे रुकता है, जबकि इस पेज के चारों टूल अलग-अलग ख़रीदने पर प्लान से ज़्यादा पड़ जाते हैं। उस मोड़ पर प्लान जीत जाता है, और उसी पैसे में Moz Pro, Majestic, Serpstat, SpyFu, Similarweb, Canva, Grammarly, ChatGPT समेत एक दर्जन और टूल साथ आ जाते हैं। कुछ आम स्टैक का हिसाब हमने SEO टूल स्टैक के ख़र्च वाले ब्रेकडाउन में लगाया है।

shared access काम कैसे करता है

shared access का मतलब है कि आप हमारे डैशबोर्ड से एक ऐसे Mangools अकाउंट में लॉगिन करते हैं जिसे BundledSEO के दूसरे मेंबर भी इस्तेमाल करते हैं। Mangools आपको अपना अलग पासवर्ड जारी नहीं करता। पाँचों टूल मिलते हैं, डेटा वही जो किसी भी Mangools कस्टमर को दिखता है, और API key या अपनी नाम वाली सीट नहीं मिलती।

जो लिमिट मायने रखती हैं वही हैं जो ऊपर वेंडर की टेबल में हैं, क्योंकि वे अकाउंट की लिमिट हैं और सब मेंबर के बीच बँटती हैं। 24 घंटे के कीवर्ड और SERP lookup लॉगिन पर बैठे सब लोगों में साझा होते हैं, तो किसी और का भारी रिसर्च वाला दिन आपके लिए उस दिन कम कोटा छोड़ता है। SERPWatcher में ट्रैक होने वाले कीवर्ड भी उसी साझा लिमिट से कटते हैं, और आपका बनाया ट्रैकिंग प्रोजेक्ट अगले अकाउंट रीसेट के बाद शायद न बचे, जो बीच-बीच में होता रहता है। किसी क्लाइंट को बिना टूटी रैंक हिस्ट्री देना अगर आपके कॉन्ट्रैक्ट में लिखा है, तो रिटेल पर पैसा देने की यही सबसे साफ़ वजह है।

एक साथ बहुत भारी इस्तेमाल सबके लिए रफ़्तार गिरा देता है, जैसा किसी भी साझा चीज़ के साथ होता है। fair use का मतलब है आम इंसान या छोटी टीम की रफ़्तार से रिसर्च, न कि थोक lookup जो दोपहर से पहले दिन भर का कोटा ख़त्म कर दे। कैटलॉग में टूल डालने से पहले हम क्या-क्या जाँचते हैं और group buy के जोखिम क्या हैं, यह हमारी गाइड में साफ़ लिखा है।

अकेले काम करने वालों में से ज़्यादातर को यह साझा लिमिट कभी महसूस ही नहीं होती। जिन्हें होती है वे वे लोग हैं जो फ्रीलांसर के बजट में एजेंसी जितना काम कर रहे हैं, और उनके लिए जवाब बड़ा प्लान या रिटेल सीट है।

हमारे कैटलॉग में दूसरे विकल्प

Ubersuggest आइकॉन

Ubersuggest मिज़ाज में Mangools के सबसे क़रीब है: हल्का कीवर्ड टूल, कंटेंट आइडिया, बैकलिंक का मोटा नज़ारा, और एक बेसिक साइट ऑडिट जो Mangools में है ही नहीं। हमारे यहाँ इसका दाम Mangools के बराबर है और यह हमारे हर प्लान में है, Essential और Boost में भी, जिनमें Mangools नहीं है। इंडियन क्वेरी पर इसका कीवर्ड डेटा KWFinder से पतला है और छोटी साइट के लिए इसका difficulty स्कोर उतना भरोसेमंद नहीं है। दोनों में से एक ही लेना हो तो कीवर्ड टूल के तौर पर Mangools बेहतर है। चाय के दाम में क्रॉलर चाहिए तो Ubersuggest सस्ता रास्ता है।

Semrush आइकॉन

Semrush पूरा प्लेटफ़ॉर्म है: कीवर्ड रिसर्च, साइट ऑडिट, पोज़िशन ट्रैकिंग, बैकलिंक, कंटेंट ब्रीफ़, ऐड रिसर्च। हमारे यहाँ इसका दाम भी Mangools के बराबर ही है, जो लिखने में अजीब लगता है, और यह हर प्लान में है। पेच दो हैं, सीखने में लगने वाला वक़्त और साझा डेली रिपोर्ट लिमिट, जो एजेंसी को महसूस होगी। बहुत से फ्रीलांसर ऑडिट और रिपोर्टिंग Semrush पर करते हैं और रोज़ का कीवर्ड काम Mangools पर, और हमारे यहाँ यह जोड़ी इतनी सस्ती पड़ती है कि यही डिफ़ॉल्ट बन जाती है।

Ahrefs आइकॉन

Ahrefs बैकलिंक और साइट एक्सप्लोरर वाला टूल है, और इसी का इंडेक्स है जिसकी बराबरी LinkMiner नहीं कर पाता। यह हमारा सबसे महँगा सिंगल टूल है, ₹1,199 प्रति महीना, और सिर्फ़ Advanced और Ultimate प्लान में है। Mangools वाला बंदा आख़िर में Advanced पर पहुँचता है तो ज़्यादातर इसी वजह से। लिंक बिल्डिंग आपकी बेची जाने वाली चीज़ है तो रिपोर्ट के लिए यही टूल चाहिए। भारत में इसका रिटेल दाम किस तरह काम करता है, यह भारत के लिए हमारी टूल गाइड में मिलेगा।

भारत से ख़रीदना कैसे है

  1. सिंगल लेना है या प्लान, यह तय कीजिए। सिर्फ़ Mangools चाहिए तो Mangools का टूल पेज खोलिए। लिस्ट में Ahrefs भी है तो प्राइसिंग पेज से Advanced चुनिए। दोनों पेज पर मार्केट India करते ही दाम रुपये में दिखने लगते हैं।
  2. रुपये में पेमेंट कीजिए। भारत के लिए UPI और कार्ड, दोनों आज चालू हैं, इसलिए न इंटरनेशनल कार्ड की ज़रूरत है और न विदेशी करंसी वाले चार्ज की। क्रिप्टो पसंद हो तो USDT भी चलता है। फ़ॉरेक्स मार्कअप नहीं लगता और हर महीने कार्ड डिक्लाइन वाली माथापच्ची भी नहीं होती।
  3. लॉगिन कीजिए और काम शुरू। my.bundledseo.com पर आपके प्लान के टूल दिखते हैं, वहीं से Mangools खोलिए और आप सीधे KWFinder में हैं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना और Mangools की तरफ़ कोई पासवर्ड सँभालना नहीं है।

पाकिस्तान या बांग्लादेश में हैं तो कार्ड आज चालू हैं, Easypaisa, JazzCash, bKash और Nagad जल्द आ रहे हैं, और USDT हर जगह चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में फ्रीलांस SEO के लिए क्या Mangools काफ़ी है?

कीवर्ड रिसर्च, SERP एनालिसिस और गिनी-चुनी साइटों की हल्की रैंक ट्रैकिंग के लिए हाँ। लिंक बिल्डिंग रिपोर्ट के साथ बेचते हैं, टेक्निकल ऑडिट सर्विस में देते हैं, या क्लाइंट मिलाकर सैकड़ों कीवर्ड ट्रैक करते हैं तो यह काफ़ी नहीं है। ज़्यादातर फ्रीलांसर इन कामों के लिए साथ में एक बड़ा सूट रखते हैं।

क्या KWFinder में हिंदी कीवर्ड का डेटा है?

भाषा के तौर पर हिंदी मिलती है और देवनागरी क्वेरी पर वॉल्यूम आते हैं, हालाँकि कवरेज अंग्रेज़ी के मुक़ाबले पतली है। रोमन में लिखे हिंग्लिश पर हर कीवर्ड टूल कमज़ोर है, Mangools भी, और उन क्वेरी के लिए अपने Search Console के नंबर ज़्यादा भरोसे लायक रहेंगे।

shared access पर Mangools का कौन-सा टियर मिलता है?

पाँचों टूल मिलते हैं और डेटा वही जो किसी भी Mangools कस्टमर को दिखता है। 24 घंटे वाली lookup लिमिट और ट्रैक होने वाले कीवर्ड की लिमिट उस अकाउंट पर वेंडर की लिमिट हैं, जो इस्तेमाल कर रहे मेंबरों में बँटती हैं, इसलिए हम हर बंदे का अलग कोटा नहीं बताते।

क्या SERPWatcher क्लाइंट की रैंक ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?

ट्रैकिंग प्रोजेक्ट बनाए जा सकते हैं, लेकिन ट्रैक होने वाले कीवर्ड की लिमिट साझा है और अकाउंट रीसेट भी होता है, इसलिए उसकी हिस्ट्री को कॉन्ट्रैक्ट में मत डालिए। क्लाइंट को बिना टूटी रैंक हिस्ट्री चाहिए तो उसी क्लाइंट के लिए रिटेल सीट ख़रीद लीजिए।

सिर्फ़ Mangools के लिए क्या Advanced प्लान लेना चाहिए?

नहीं। हमारे यहाँ अकेला Mangools प्लान के दाम का छोटा-सा हिस्सा है, और हम चाहेंगे कि आप सिंगल ही लें। प्लान तब फ़ायदे का होता है जब लिस्ट में Ahrefs या कई और टूल जुड़ जाएँ, उससे पहले नहीं।

पेमेंट के लिए क्या इंटरनेशनल कार्ड चाहिए?

हमारे यहाँ नहीं। भारत में UPI और घरेलू कार्ड चालू हैं, USDT भी चलता है, इसलिए कुछ भी विदेशी करंसी में चार्ज नहीं होता। सीधे Mangools को पैसा देने पर ज़रूर ऐसा कार्ड चाहिए जो डॉलर या यूरो में रेकरिंग चार्ज झेल सके।

क्या shared access में Mangools का ब्राउज़र एक्सटेंशन और API मिलता है?

shared access पर API नहीं है। ब्राउज़र एक्सटेंशन अकाउंट के सेशन पर टिका होता है, इसलिए उसका वादा हम नहीं करते। डैशबोर्ड से चलने वाले पाँच वेब टूल, आप यही ख़रीद रहे हैं।

अकाउंट रीसेट हो जाए तो क्या होता है?

डैशबोर्ड से आपका एक्सेस बना रहता है, बस दोबारा लॉगिन करना होता है। Mangools अकाउंट के अंदर सेव की हुई चीज़ें, जैसे SERPWatcher के प्रोजेक्ट या कीवर्ड लिस्ट, रीसेट के बाद शायद न बचें, इसलिए जो लिस्ट ज़रूरी हैं उन्हें साथ-साथ एक्सपोर्ट करते रहिए।

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