इस आर्टिकल में
सीधा फैसला
- vidIQ एक रिसर्च टूल है। हिंदी चैनल पर इसका असली काम तीन जगह दिखता है: कीवर्ड और टैग रिसर्च, अपने niche के बाकी चैनल क्या डाल रहे हैं उस पर नज़र, और रोज़ाना आने वाली आइडिया लिस्ट। अगर आपको पहले से पता है कि क्या बनाना है और दिक्कत सिर्फ़ एडिटिंग की स्पीड की है, तो इससे कुछ ख़ास नहीं मिलेगा।
- हमारे यहाँ vidIQ सिंगल टूल के तौर पर ₹299/महीना है। प्लान में यह सिर्फ़ Ultimate के अंदर आता है, ₹2,499/महीना, जिसमें 91 टूल्स हैं। सिंगल ही लीजिए, जब तक आपको साथ में Ahrefs, Semrush और बाकी पूरी लिस्ट नहीं चाहिए। प्लान की कीमत अकेले टूल से करीब दस गुना बैठती है।
- चेकआउट पर UPI, कार्ड और USDT तीनों चलते हैं। भारत में यही तीन रास्ते आज लाइव हैं, और UPI वाला रास्ता सबसे कम झंझट का है।
टाइटल में जो “Boost” शब्द घूमता रहता है, वह vidIQ का अपना पेड टियर है। हमारा भी एक प्लान Boost नाम का है और उसमें vidIQ नहीं है। हर हफ़्ते कोई न कोई इसी पर उलझता है, तो साफ़ कर दें: हमारी प्राइसिंग पर vidIQ सिंगल टूल्स में और Ultimate में मिलेगा, और कहीं नहीं।
vidIQ आख़िर है क्या
vidIQ दो चीज़ों का जोड़ है, एक ब्राउज़र एक्सटेंशन और एक वेब ऐप, और दोनों YouTube के ऊपर बैठते हैं। Chrome में एक्सटेंशन लगाइए, लॉगिन कीजिए, और उसके बाद जो भी YouTube पेज खोलेंगे उस पर एक extra पैनल आ जाएगा: वीडियो ने कौन से टैग लगाए हैं, उसके व्यूज़ प्रति घंटे का अंदाज़ा, किन कीवर्ड्स पर वह रैंक करता दिख रहा है, चैनल कितने दिन में अपलोड करता है। YouTube Studio के अंदर यही एक्सटेंशन आपके टाइटल, डिस्क्रिप्शन और टैग को लिखते-लिखते स्कोर देता रहता है।
भारी काम vidiq.com वाले वेब ऐप में होता है। कीवर्ड टूल, कॉम्पिटिटर लिस्ट, डेली आइडिया फ़ीड, AI टाइटल और थंबनेल हेल्पर, चैनल ऑडिट रिपोर्ट, सब वहीं है। एक्सटेंशन वह हिस्सा है जो रोज़ छूता है, वेब ऐप वह है जहाँ हफ़्ते में एक बार बैठकर प्लान बनता है।
जिनके लिए यह टूल बना है वे छोटे और मँझोले चैनल हैं जो नियमित अपलोड करते हैं और अंधेरे में तीर चलाना कम करना चाहते हैं। हमसे vidIQ के बारे में पूछने वाले ज़्यादातर लोग यही हैं: इंदौर का कोई टेक रिव्यूअर जो हफ़्ते में दो वीडियो डालता है, या पटना का SSC और बैंकिंग की तैयारी वाला चैनल जिसकी पूरी साल भर की ट्रैफ़िक नोटिफ़िकेशन और सर्च पर टिकी है। न किसी के पास टीम है, न एडिटर। सवाल सिर्फ़ इतना है कि वीडियो का नाम क्या रखें और उस नाम को कोई सर्च भी कर रहा है या नहीं।
vidIQ की अपनी pricing
vidiq.com/pricing को हमने 21 सितंबर 2026 को खोलने की कोशिश की ताकि वेंडर के आज के नंबर यहाँ लिख सकें, और तीन अलग-अलग तरीक़ों से माँगने पर भी पेज ने प्राइस लिस्ट की जगह बॉट चेक लौटाया। याददाश्त से कोई पुराना आँकड़ा उठाकर उसे आज का बता देने से बेहतर है कि नंबर छोड़ दिए जाएँ। ख़ुद देख लीजिए, vidIQ के pricing पेज पर। लिखते समय पेड टियर के नाम Boost और Max थे, और पेज महीने और साल दोनों की बिलिंग US डॉलर में दिखाता है।
vidIQ का बिल डॉलर में बनता है, यानी स्टिकर पर जो भी लिखा हो, आपका बैंक उसे अपनी कार्ड रेट पर बदलेगा और ऊपर से अपना मार्कअप जोड़ेगा। इसके लिए इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चालू कार्ड चाहिए, और भारत में जारी हुए ज़्यादातर कार्ड पर यह डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है। बैंक ऐप में कार्ड कंट्रोल के अंदर जाकर इंटरनेशनल यूज़ ऑन करना पड़ता है, और कुछ बैंकों में लिमिट भी अलग से सेट करनी होती है। एक बात और: पेज सालाना बिलिंग को आगे रखता है, इसलिए महीने वाली कीमत अलग से पढ़िए। एक महीना आज़माकर छोड़ देने का असली खर्च वही है।
हिंदी चैनल पर कौन से फीचर काम आते हैं
कीवर्ड और टैग रिसर्च
कीवर्ड टूल ही वह वजह है जिसके लिए vidIQ के पैसे देने बनते हैं। कोई टॉपिक डालिए और यह सर्च वॉल्यूम का अंदाज़ा, कॉम्पिटिशन स्कोर, मिलते-जुलते टर्म और ऊपर रैंक कर रहे वीडियो के टैग दिखा देता है। एक्सटेंशन वाली तरफ़ किसी भी कॉम्पिटिटर का वीडियो खोलिए और उसकी पूरी टैग लिस्ट सामने आ जाती है, जिसे YouTube ख़ुद छिपाकर रखता है।
हिंदी चैनल के लिए दो आदतें इस टूल की क़ीमत दोगुनी कर देती हैं। पहली, हर टॉपिक को तीन तरीक़े से सर्च कीजिए: देवनागरी में, Hinglish में और अंग्रेज़ी में। जयपुर में बैठा कोई बंदा फ़ोन रिव्यू ढूँढते वक़्त “रियलमी 14 रिव्यू” टाइप कर सकता है, “realme 14 review hindi” टाइप कर सकता है, या बस “realme 14 review”. तीनों के वॉल्यूम और कॉम्पिटिशन अलग-अलग निकलते हैं, और अक्सर Hinglish वाला वर्ज़न ही वह होता है जहाँ डिमांड असली है और कॉम्पिटिशन पतला। देवनागरी क्वेरीज़ पर vidIQ के अनुमान अंग्रेज़ी के मुक़ाबले कच्चे रहते हैं, तो उन्हें गिनती नहीं, दिशा मानिए।
दूसरी आदत टैग की है। टैग उसी लिपि में लिखिए जिसमें आपके दर्शक टाइप करते हैं, सिर्फ़ अंग्रेज़ी में नहीं। vidIQ पूरी तरह अंग्रेज़ी टैग सेट को भी “अच्छा” स्कोर दे देगा, चाहे वीडियो देखने वाला हिंदी में सर्च कर रहा हो। वह स्कोर एक अंदाज़ा भर है। असली काम की चीज़ सुझावों की लिस्ट है, स्कोर नहीं।
कॉम्पिटिटर ट्रैकिंग
अपने niche के चैनल कॉम्पिटिटर लिस्ट में डाल दीजिए और vidIQ उनकी अपलोड फ़्रीक्वेंसी, हाल के व्यूज़, और कौन सा वीडियो चैनल के औसत से ऊपर चल रहा है, यह दिखाता रहता है। UPSC करंट अफ़ेयर्स या हिंदी में स्टॉक मार्केट समझाने जैसे niche में, जहाँ दस चैनल उन्हीं कुछ लाख दर्शकों के पीछे हैं, इसी से पता चलता है कि किसी के मंगलवार वाले एक्सप्लेनर पर तीन गुना व्यूज़ आ गए, और फिर आप तय करते हैं कि गुरुवार को उसी टॉपिक पर जाना है या नहीं।
हर वीडियो के साथ जो “views per hour” नंबर आता है, नज़र उसी पर रखिए। कुल व्यूज़ की लिस्ट पुरानी कमाई गिनाती है; प्रति घंटा व्यूज़ बताता है कि एल्गोरिदम इसी हफ़्ते किसे आगे बढ़ा रहा है, और आपका अगला वीडियो उसी हफ़्ते में जाकर गिरने वाला है।
थंबनेल वाले टूल्स, और जो यह नहीं करता
vidIQ में थंबनेल के लिए तीन चीज़ें हैं: एक AI जनरेटर, एक प्रीव्यू जो आपका थंबनेल नक़ली सर्च रिज़ल्ट में कॉम्पिटिटर के बगल रखकर दिखाता है, और एक कंपेयर व्यू। जो यह नहीं करता वह है आपके लाइव वीडियो पर असली A/B टेस्ट, क्योंकि दो थंबनेल दो अलग दर्शकों को दिखाकर फ़र्क़ गिनना सिर्फ़ YouTube के बस की बात है। YouTube Studio का अपना “Test and compare” फ़ीचर ठीक यही करता है और अब ज़्यादातर चैनलों को मिल चुका है, बिना किसी बाहरी टूल के।
तो vidIQ का प्रीव्यू उस काम के लिए इस्तेमाल कीजिए जिसके लिए वह बना है: यह पकड़ने के लिए कि फ़ोन की स्क्रीन पर आपका टेक्स्ट पढ़ा भी जा रहा है या नहीं, क्योंकि भारत में देखने वाले ज़्यादातर लोग फ़ोन पर ही हैं। असली टेस्ट Studio में चलाइए। अगर कोई आपसे कहे कि थंबनेल A/B टेस्टिंग के लिए vidIQ ख़रीद लो, तो वह एक ऐसे फ़ीचर की बात कर रहा है जो इसमें है ही नहीं।
AI फीचर्स
डेली आइडिया फ़ीड, AI टाइटल जनरेटर, आउटलाइन राइटर और चैनल कोच, ये सब पेड टियर पर हैं। छोटे चैनल के लिए इनमें सबसे काम का डेली आइडिया वाला है: vidIQ आपके niche में क्या ट्रेंड कर रहा है और कॉम्पिटिटर क्या कर रहे हैं, यह देखकर हर सुबह एक छोटी लिस्ट पकड़ा देता है। ज़्यादातर सुझाव आप छोड़ देंगे, पर हफ़्ते में कुछ ऐसे निकल आते हैं जिन पर दोबारा सोचा जा सकता है, और इसमें आपका रिसर्च का समय कुछ नहीं लगता।
AI लिखने वाले टूल्स की ट्रेनिंग ज़्यादातर अंग्रेज़ी पर हुई है। हिंदी में टाइटल माँगिए तो जो आएगा वह व्याकरण के हिसाब से सही होगा और पढ़ने में एकदम सपाट, उस तरह का वाक्य जो कोई हिंदी क्रिएटर थंबनेल पर नहीं लिखेगा। हमारी सलाह यह है कि स्ट्रक्चर के लिए अंग्रेज़ी में जनरेट कीजिए और हिंदी लाइन ख़ुद लिखिए। Hinglish या अंग्रेज़ी चैनल के लिए जनरेटर पहले ड्राफ़्ट के तौर पर ठीक हैं।
चैनल ऑडिट, जो एंड स्क्रीन ग़ायब होने, अपलोड टाइमिंग बिगड़ने और बिना टैग वाले वीडियो जैसी चीज़ें पकड़ता है, शुरू में एक बार और उसके बाद तिमाही में एक बार चलाने लायक़ है। यह रोज़ का टूल नहीं है।
Studio के अंदर वाला एक्सटेंशन
टाइटल और डिस्क्रिप्शन लिखते वक़्त जो लाइव स्कोर चलता रहता है, आख़िर में लोग सबसे ज़्यादा उसी को इस्तेमाल करते हैं, सिर्फ़ इसलिए कि वह हर अपलोड पर सामने रहता है। वह टैग की गिनती पर टोकता है, डिस्क्रिप्शन में कीवर्ड कहाँ आया इस पर टोकता है, और टाइटल आपके चुने हुए टर्म से मेल खा रहा है या नहीं यह बताता है। जो बंदा शाम भर एडिट करने के बाद रात एक बजे अपलोड कर रहा है, उसके लिए यह चेकलिस्ट वही चीज़ें पकड़ती है जो नींद में छूट जातीं।
पैसे का हिसाब: हिंदी चैनल की कमाई और टूल का बजट
हिंदी कंटेंट के AdSense RPM उत्तरी अमेरिका वाले अंग्रेज़ी कंटेंट के मुक़ाबले काफ़ी नीचे रहते हैं। भारत में ठीक-ठाक चलने वाले ज़्यादातर चैनलों की कमाई ब्रांड डील, ऐफ़िलिएट लिंक, अपने कोर्स या कम्युनिटी से आती है, और AdSense उसमें एक छोटा हिस्सा होता है। ऐसे बजट में डॉलर में बिल होने वाला सब्सक्रिप्शन एक असली लाइन है, और यही वजह है कि इस पेज तक पहुँचे ज़्यादातर लोग सीधे वेंडर को पैसे देने के बजाय शेयर्ड ऐक्सेस देख रहे हैं।
जिस टूल को आप हफ़्ते में एक घंटा खोलते हैं, उसके लिए यह समझदारी की सोच है। अगर vidIQ आपका पूरे दिन का टूल है और चैनल ही आपकी कमाई है, तो वेंडर को पैसे दीजिए और अपना अकाउंट लीजिए। नीचे जो रीसेट और फ़ेयर-यूज़ वाली बातें हैं, वे आपको हर दूसरे दिन खलेंगी।
भारत में यह किसके लिए है, और किसके लिए नहीं
vidIQ उस चैनल पर फ़िट बैठता है जो कम से कम हफ़्ते में एक बार अपलोड करता है, सर्च ट्रैफ़िक के लिए लड़ता है, और जिसके पास हफ़्ते में एक घंटा वेब ऐप में कीवर्ड और कॉम्पिटिटर देखने के लिए है। पढ़ाई और कोचिंग वाले चैनल, प्रोडक्ट रिव्यू, how-to और रेसिपी चैनल, फ़ाइनेंस और न्यूज़ कमेंट्री, ये सब इसी ख़ाने में आते हैं। ये सर्च से चलने वाले फ़ॉर्मैट हैं और सर्च ही वह जगह है जहाँ vidIQ के पास डेटा है।
जो चैनल पूरी तरह Shorts पर चल रहा है, उसके लिए यह कमज़ोर सौदा है। Shorts की ट्रैफ़िक फ़ीड से आती है, सर्च से नहीं, और vidIQ का कीवर्ड डेटा यह समझाने में ख़ास मदद नहीं करता कि एक Short क्यों चल गया और दूसरा क्यों बैठ गया। पाँच वीडियो वाले बिल्कुल नए चैनल के लिए भी यह जल्दबाज़ी है: कॉम्पिटिटर ट्रैकिंग तभी दिलचस्प है जब आप नाम लेकर बता सकें कि आपके कॉम्पिटिटर कौन हैं, और कीवर्ड टूल यह तय नहीं कर सकता कि आपका चैनल किस बारे में है।
BundledSEO से क्या मिलता है
हमारे यहाँ अकेला vidIQ ₹299/महीना है। प्लान की तरफ़ यह ठीक एक जगह आता है, Ultimate प्लान में, ₹2,499/महीना, 91 टूल्स के साथ। Essential, Boost और Advanced में यह नहीं है। आज का स्टेटस और लॉगिन का रास्ता vidIQ टूल पेज पर देख लीजिए।
सिंगल बनाम प्लान
चारों क्रिएटर टूल्स, एक-एक करके, उस अकेले प्लान के सामने जिसमें ये सब हैं:
| टूल | अलग से खरीदने पर, हर महीने | Ultimate Plan में है? |
|---|---|---|
| VidIQ | ₹299 | हाँ |
| CAPCUT | $5 | हाँ |
| Canva | ₹149 | हाँ |
| ElevenLabs | ₹499 | हाँ |
| सभी 4, एक-एक करके | ₹947 + $5 | |
| Ultimate Plan · 91 टूल्स | ₹2,499 | — |
| अंतर | प्लान के साथ ₹1,552 ज़्यादा (सिर्फ़ USD वाले टूल्स के $5 अलग से) | |
चारों अलग-अलग ख़रीदने पर भी आप Ultimate की कीमत से काफ़ी नीचे रहते हैं। Ultimate तभी बनता है जब आपको catalogue का SEO वाला आधा हिस्सा भी चाहिए: Ahrefs, Semrush, SE Ranking, Screaming Frog, और उनके साथ डिज़ाइन और AI वाले टूल्स। जो क्रिएटर साथ में ब्लॉग चलाता है या क्लाइंट का SEO देखता है, उसे यह चाहिए भी हो सकता है। जो सिर्फ़ वीडियो बनाता है, वह सिंगल ले और बचा हुआ पैसा माइक या लाइट में लगाए।
एक पेच है। हमारे यहाँ CapCut सिर्फ़ US डॉलर में है, उसकी रुपये वाली कीमत नहीं है, तो टेबल उसे वैसे ही दिखाती है। Canva और ElevenLabs दोनों की रुपये वाली कीमत है और दोनों सस्ते Advanced प्लान में भी हैं, जिसमें न vidIQ है न CapCut। यानी जिसे Canva और ElevenLabs के साथ ढेर सारे SEO टूल चाहिए पर vidIQ नहीं, उसके पास एक बीच का रास्ता है। जिसे vidIQ ही चाहिए, उसके पास नहीं है।
शेयर्ड ऐक्सेस चलता कैसे है
आप ब्राउज़र में डैशबोर्ड से लॉगिन करते हैं और वहीं से एक vidIQ अकाउंट के अंदर पहुँचा दिए जाते हैं, जिसे दूसरे मेंबर भी इस्तेमाल करते हैं। न कोई API की मिलती है, न आपका अपना अलग vidIQ पासवर्ड। एक्सटेंशन आपको पेड यूज़र की तरह देखता है और फ़ेयर-यूज़ की सीमा के अंदर हर पेड फ़ीचर चालू रहता है।
ख़रीदने से पहले समझने लायक़ हिस्सा यही सीमा है। vidIQ कुछ चीज़ें अकाउंट के हिसाब से गिनता है: कितने कॉम्पिटिटर ट्रैक कर सकते हैं, कितनी कीवर्ड लुकअप, कितने AI जनरेशन। ये पूल साझा हैं। सुबह किसी मेंबर ने लंबी रिसर्च सेशन चला दी, तो शाम तक आपको पूल छोटा मिल सकता है। भारी काम एक साथ निपटाइए, और कीवर्ड रिसर्च एक ही बैठक में कर लीजिए, दिन भर में पचास बार खोलने के बजाय।
अकाउंट रीसेट भी होते हैं। जब होता है, उस अकाउंट में सेव कॉम्पिटिटर लिस्ट और कीवर्ड उसी के साथ चले जाते हैं। अपने ट्रैक किए चैनलों की लिस्ट और कीवर्ड नोट्स अपनी शीट में रखिए, ताकि vidIQ अकाउंट कभी अकेली कॉपी न हो।
एक साथ बहुत लोगों के चलने पर सब की स्पीड गिरती है। भारतीय समय से रात नौ बजे एक्सटेंशन सुस्त लगे तो वजह यही है; दिन में थोड़ा जल्दी देख लीजिए।
चैनल कनेक्ट करने वाला सवाल
vidIQ में काम की लगभग हर चीज़, कीवर्ड टूल, टैग इंस्पेक्टर, कॉम्पिटिटर ट्रैकिंग, डेली आइडिया, Studio वाला स्कोर, पब्लिक डेटा पर या जिस पेज पर आप खड़े हैं उस पर चलती है। इसके लिए आपका चैनल vidIQ अकाउंट से जुड़ा होना ज़रूरी नहीं।
कुछ गिने-चुने फ़ीचर्स के लिए ज़रूरी है: चैनल ऑडिट का वह हिस्सा जो आपके प्राइवेट ऐनालिटिक्स पढ़ता है, और कोचिंग वाले कुछ व्यू। शेयर्ड अकाउंट पर चैनल जोड़ने का मतलब है कि उसी पूल के बाकी मेंबर आपका चैनल कनेक्टेड चैनलों की लिस्ट में बैठा देख लेंगे। हम ऐसा करने की सलाह नहीं देते। vidIQ को रिसर्च के लिए रखिए और अपने प्राइवेट ऐनालिटिक्स YouTube Studio में, जहाँ वे पहले से हैं। अगर आपके काम में लिंक्ड चैनल वाले फ़ीचर्स के बिना बात नहीं बनती, तो यह साफ़ इशारा है कि अपना vidIQ अकाउंट लेना चाहिए।
हमारी catalogue में आसपास के टूल्स
CapCut का काम vidIQ से बिल्कुल अलग है: यह वही एडिटर है जो भारत में Shorts और Reels बनाने वाले ज़्यादातर लोगों के फ़ोन में पहले से पड़ा है। Pro टियर वॉटरमार्क हटाता है, एक्सपोर्ट रेज़ोल्यूशन बढ़ाता है और ऑटो-कैप्शन मॉडल देता है, जो फ़ोन-फ़र्स्ट कंटेंट पर हिंदी कैप्शन के लिए मायने रखता है। यह भी vidIQ की तरह सिर्फ़ Ultimate में है और हमारे यहाँ डॉलर में है। अगर आपकी अड़चन वीडियो बनाने में है, नाम रखने में नहीं, तो पहला टूल यही ख़रीदिए।
Canva वह जगह है जहाँ थंबनेल असल में बनता है। vidIQ थंबनेल का प्रीव्यू दिखा सकता है और AI से एक बना भी सकता है; Canva वह है जहाँ आप अपना चेहरा, अपने रंग और फ़ोन पर पढ़ी जा सकने वाली देवनागरी टाइपोग्राफ़ी लेकर एक टेम्पलेट खड़ा करते हैं जो हर वीडियो पर एक जैसा दिखे। यह Advanced और Ultimate दोनों में है और इसकी रुपये वाली कीमत है। दोनों में से क्रिएटर Canva ज़्यादा बार खोलता है।
ElevenLabs आवाज़ के लिए है। बिना चेहरा दिखाए एक्सप्लेनर बनाने वाले चैनल और दूसरी भाषा में डबिंग करने वाले चैनल इसे नैरेशन के लिए इस्तेमाल करते हैं, और इसकी हिंदी आवाज़ें पढ़ाई वाले कंटेंट के लिए काम लायक़ हैं, उन शर्तों के साथ जो हमने ElevenLabs रिव्यू में गिनाई हैं। यह भी Advanced और Ultimate में है। अगर आपका चैनल कैमरे के सामने बैठने वाला नहीं बल्कि वॉइस-ओवर वाला है, तो एडिटर के बाद दूसरा टूल यही है।
चारों टूल्स एक साथ चलाने पर महीने का कुल खर्च कितना बैठता है, उसका पूरा हिसाब भारत में YouTube क्रिएटर स्टैक की लागत में है।
भारत से ख़रीदने का तरीक़ा
- प्राइसिंग पर जाइए और vidIQ सिंगल टूल के तौर पर चुनिए, या Ultimate प्लान, अगर ऊपर का हिसाब पढ़ने के बाद भी आपको पूरी catalogue चाहिए। उस पेज का मार्केट स्विचर रुपये दिखाता है; कार्ड पर असल में क्या कटेगा वह देखना हो तो उसे USD पर घुमा दीजिए।
- UPI, कार्ड या USDT से पेमेंट कीजिए। भारत में सबसे कम झंझट UPI का है, किसी भी ऐप से, और वह तुरंत सेटल होता है। कार्ड चाहिए तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चालू होना ज़रूरी है, और कार्ड डिक्लाइन होने की सबसे आम वजह बैंक का वही स्विच होता है, हमारा चेकआउट नहीं। USDT किसी भी एक्सचेंज या वॉलेट से चल जाता है।
- my.bundledseo.com पर लॉगिन कीजिए, vidIQ खोलिए, और डैशबोर्ड में दिए लिंक से एक्सटेंशन इंस्टॉल कीजिए। पहली बैठक कीवर्ड टूल में बिताइए और अपने मुख्य टॉपिक के तीनों रूप डालकर देखिए, देवनागरी, Hinglish और अंग्रेज़ी, ताकि पता चल जाए कि आपके दर्शक असल में टाइप क्या करते हैं।
शेयर्ड टूल ऐक्सेस आपके लिए नया है और पहले पूरी बात समझनी है, तो हमारी गाइड्स से शुरू कीजिए, और भारत के लिए सबसे काम के SEO टूल्स वाली गाइड में रुपये की कीमतों के साथ बाकी टूल्स की लिस्ट है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या vidIQ Ultimate से सस्ते किसी प्लान में मिलता है?
नहीं। प्लान की तरफ़ vidIQ सिर्फ़ Ultimate में है। सस्ता रास्ता इसे सिंगल टूल के तौर पर ₹299/महीना लेना है, और यही सलाह हम यह सवाल पूछने वाले लगभग हर क्रिएटर को देते हैं। Ultimate उनके लिए है जिन्हें साथ में SEO टूल्स और बाकी पूरी catalogue भी चाहिए।
क्या vidIQ हिंदी कीवर्ड पर ठीक काम करता है?
हाँ, एक शर्त के साथ। कीवर्ड टूल देवनागरी क्वेरीज़ के लिए वॉल्यूम और कॉम्पिटिशन के अनुमान देता तो है, पर वे अंग्रेज़ी वाले आँकड़ों से कच्चे रहते हैं। हर टॉपिक को देवनागरी, Hinglish और अंग्रेज़ी तीनों में सर्च कीजिए, तीनों की तुलना कीजिए, और नतीजे को सटीक गिनती नहीं बल्कि दिशा मानकर चलिए। कॉम्पिटिटर वीडियो का टैग इंस्पेक्टर लिपि से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, हर हाल में चलता है।
क्या मैं BundledSEO पर UPI से पेमेंट कर सकता हूँ?
हाँ। भारत के चेकआउट पर UPI आज लाइव है, कार्ड और USDT के साथ। ज़्यादातर लोग UPI ही चुनते हैं क्योंकि उसमें इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चालू करवाने वाली कोई कवायद नहीं करनी पड़ती।
क्या शेयर्ड vidIQ अकाउंट से अपना YouTube चैनल जोड़ना पड़ेगा?
नहीं, और हमारी सलाह है कि न जोड़ें। कीवर्ड रिसर्च, कॉम्पिटिटर ट्रैकिंग, टैग इंस्पेक्टर और Studio वाला स्कोर, सब बिना चैनल जोड़े चलते हैं। शेयर्ड अकाउंट में चैनल जोड़ने पर वह उसी पूल के दूसरे मेंबरों को दिखने लगेगा। अपने प्राइवेट ऐनालिटिक्स YouTube Studio में ही रहने दीजिए।
क्या vidIQ असली थंबनेल A/B टेस्ट करता है?
नहीं। इसमें थंबनेल प्रीव्यू और AI जनरेटर है, जिनसे यह देखा जा सकता है कि थंबनेल फ़ोन पर और कॉम्पिटिटर के बगल में कैसा पढ़ा जाता है। असली A/B टेस्ट, जिसमें दो थंबनेल दो अलग दर्शक समूहों को दिखाकर नाप लिए जाते हैं, YouTube Studio का “Test and compare” फ़ीचर है और वह ज़्यादातर चैनलों को किसी थर्ड-पार्टी टूल के बिना मिलता है।
शेयर्ड अकाउंट रीसेट होने पर क्या होता है?
अकाउंट में सेव कॉम्पिटिटर लिस्ट और कीवर्ड चले जाते हैं, और आप डैशबोर्ड से दोबारा लॉगिन करके एक ख़ाली स्टेट में पहुँचते हैं। ट्रैक किए चैनल और कीवर्ड नोट्स अपनी शीट में रखिए, फिर रीसेट पाँच मिनट का काम रहेगा, हफ़्ते भर का नहीं।
सिर्फ़ Shorts बनाने वाले चैनल के लिए vidIQ लेना चाहिए?
आम तौर पर नहीं। Shorts फ़ीड से बँटते हैं, सर्च से नहीं, इसलिए कीवर्ड और टैग का डेटा उनके चलने या न चलने के बारे में बहुत कम बताता है। ऐसे चैनल को vidIQ से ज़्यादा फ़ायदा CapCut और Canva से मिलेगा।
क्या एक्सटेंशन मेरे फ़ोन पर चलेगा?
एक्सटेंशन डेस्कटॉप Chrome के लिए है। vidIQ का एक मोबाइल ऐप है जो उसी अकाउंट से लॉगिन होता है और वेब ऐप वाला हिस्सा दिखाता है, यानी आइडिया, कॉम्पिटिटर स्टैट्स और कीवर्ड, पर YouTube के ऊपर बैठने वाला ओवरले नहीं। रिसर्च लैपटॉप पर करने का मन बना लीजिए, अपलोड जहाँ से मर्ज़ी हो।